
मोटापा वो स्थिति होती है, जब अत्याधिक शारीरिक जरबीनुमा शरीर पर इस सीमा तक एकत्रित हो जाती है, कि वो स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डालने लगती है। यह आयु संभावना को भी घटा सकता है। मोटापा बहुत से रोगों से जुड़ा हुआ है, जैसे हृदय की बिमारी, मधुमेह की बिमारी, निद्रा नाश, श्वास लेनी की समस्या, और अनेक प्रकार के कैंसर जैसे समस्या हो सकते है। मोटापा यह जादा कॅलरी से होता है। और उसका सही कारण अत्यधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थां का सेवन करणे से, और हररोज की अपने शरीर की हालचाल न होना।
* उपाय -
1. रोजाना 15 मिनट तक पैदल चले
2. सुबह सुबह पानी थोड़ा गर्म करके उसके अंदर शहद एक चम्मच डालदे।
3. सुबहा की एक्सरसाईज 30 मि.
4. सुबह उठकर खाली पेट 1-2 गिलास पानी पिए जिससे मेटाबॉलिज्म बढ़ेगा ।
5. खाने से आधे घंटे पहले पेट भर पानी पिए । इस कारण भोजन का प्रमाण कम होगा ।
6. अतिरिक्त तेलमें तली हुई, ऑयली चिजोंसे, बर्गर, पिज्जा, पनीर जैसे फास्ट फुड ज्यादा खाने से खुद को संभाले ।
7. शुगरसे बनी हुई चीजों का सेवन कम करे इससे वजन तेजी से बढ़ता सकता है।
8. वजन कम करने के लिए उपभोग की जाने वाले खाद्य पदार्थों में यह ध्यान रखना चाहिए कि उनमें प्रोटीन की अधिक मात्रा नहो, चर्बी और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम हो।
* उचित वजन
एक युवा व्यक्ति के शरीर का अपेक्षित वजन उसकी हाईट के अनुसार होनी चाहिए, शरीर के वजन को मापने के लिए लंबाई को डबल और उसमें व्यक्ती का वजन कि.ग्रॅ. से भागाकार करके निकाला जाता है।
* प्रमुख कारण
1. मोटापा और शरीर का वजन बना, ऊर्जा के सेवन और ऊर्जा के उपयोग के बीच असंतुलन के कारण होता है।
2. अधिक चर्बीयुक्त आहार का सेवन करना भी मोटापे का कारण है।
3. कम व्यायाम करना और स्थिर जीवन-यापन मोटापे का प्रमुख कारण है।
4. असंतुलित व्यवहार औऱ मानसिक तनाव की वजह से लोग ज्यादा भोजन करने लगते हैं, जो मोटापे का कारण बनता है।
5. शारीरिक क्रियाओं के सही ढंग से नहीं होने पर भी शरीर में चर्बी जमा होने लगती है, यह भी मोटापे का एक कारण है।
6. बाल्यावस्था और युवावस्था के समय का मोटापा व्यस्क होने पर भी रह सकता है।
7. दिन मे खाना खाने के बाद सोने की आदत से मोटापे और वजन का कारण बन सकती है।
* हाइपोथाइरॉयडिज़्म -
बहुत ज्यादा मीठे का सेवन करने से भी मोटापा बने का खतरा रहता है ।
* मोटापे के लक्षण
मोटापा शारीरिक और मानसिक स्तर पर जीवन में कई सारे परिवर्तन लाता है। जिनके कारण व्यक्ति में इसके लक्षण परिलक्षित होते है, किन्तु कई बार लोग इन्हें महत्त्व नहीं देते और इसके बारे में कोई चिकित्सकीय परामर्श नहीं लेते जो आगे चलकर उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।
* मोटापे के प्रमुख्य लक्षण
सांस फूलना - अनेक कारणों से हो सकता है और कई रोगों का कारण बन सकता है।
* पसीना आना -
अचानक से बार-बार पसीना आना और वह भी बहुत।
* थकान महसूस करना - आमतौर पर बिना किसी अतिरिक्त कार्यभार के लगातार थकान का अनुभव करना भी मोटापे का ही एक लक्षण है।
पीठ और जोड़ों में दर्द - मोटापे की समस्या से ग्रसित लोगों में पीठ और जोड़ों के दर्द सामान्य रूप से देखा जा सकता है।
आत्मविश्वास और आत्मसम्मान में कमी का अनुभव - शारीरिक समस्याओं के कारण किसी भी काम को करने की क्षमता में कमी आ जाती है और स्वयं पर विश्वास भी नहीं होता जिसके चलते आत्मसम्मान में भी कमी आ जाती है।
अकेला महसूस करना - मोटापे में अकेलापन अनुभव करना एक आम बात है। शारीरिक परिवर्तनों के चलते लोग स्वयं को सबसे अलग और एकाकी महसूस करते हैं्।
जरुरत से ज्यादा या कम सोना- यदि हम जरुरत से ज्यादा सोते है तो यह भी हमारे मोटापे का बहुत बड़ा लक्षण होता है
* मोटापे से जुड़ी समस्याएं
मोटापे के कारण कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं जिनमें डायबिटीज, हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, अवसाद, जोड़ों मे ओस्टियोआर्थराइटिस, जोड़ों मेंदर्द, श्वसन समस्याएं, यूरिनरी स्ट्रेस इंकांटिनेंस, अस्थमा और फेफड़ों की समस्याएं और प्रजनन संबंधी समस्या । नींद में खर्राटे - मोटापा बने के साथ-साथ यह समस्या और भी बती जाती है।
* मोटापा घटाने की सर्जरी
जो बहुत अधिक मोटे हैं और आहार में सुधार, व्यायाम तथा/अथवा दवाइयां जैसी वजन घटाने वाली चिकित्सक की निगरानी में की जाने वाली रणनीतियों से वजन नहीं घट रहा हो तो वजन घटाने वाली सर्जरी का सहारा लिया जाता है। यह बहुत अधिक मोटे लोगों के लिए जीवन रक्षक एवं जीवन में बदलाव लाने वाला उपचार है।
* यह कैसे किया जाता है -
अधिकांश बैरिएट्रिक सर्जरी की प्रक्रियाओं के तहत खाने जाने वाले भोजन की मात्रा को सीमित कर दिया जाता है तथा मरीज कम खाने पर भी ऐसा महसूस करता है कि उसने काफी भोजन कर लिया है। यह सर्जरी हमेशा कीहोल सर्जरी का उपयोग करते हुए की जाती है।

Wav
ReplyDeletethanks viewers
ReplyDelete